परम ज्ञान

परम ज्ञान = मैं कौन ? मेरा कौन? और मेरा परम लक्ष्य क्या है?

बस इन्हीं प्रश्नो का उत्तर जान लेना ही परम ज्ञान है। अगर ज्ञान की बात करें तो जानकारी होना ज्ञान है।

ज्ञान अच्छा या बुरा ?

वैसे तो ज्ञान का होना या ज्ञानी होना बहुत अच्छा माना जाता है, फिर भी ये दुनिया कुछ ऐसी है की यहाँ लेकिन, किन्तु, परंतु जैसे शब्दों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध है। कहा और सुना जाता है कि हर चीज के दो पहलू होते हैं; अगर ज्ञान के दोनों पहलुओं कि बात करें तो ज्ञान का विज्ञान कुछ कुछ स्पष्ट हो।

ये तो हम सबका अनुभव है कि जितनी खुशी और निर्भयता से जिंदगी बचपन में अज्ञानता के साथ हम जी चुके हैं शायद वैसी जिंदगी आज अपने भरे पूरे ज्ञान, उपलब्धियों और वास्तविकता के साथ नहीं जी पाएंगे। पहले हम अज्ञानी होते हुए भी बहुत अधिक खुश थे और आज ज्ञान के भंडार होते ही परेशान हो चुके हैं।

जहां हम बचपन में काल्पनिक वस्तुओं मे आनंद खोज लिया करते थे आज वहीं वास्तविक चीजों से परेशान हैं। जैसे खीलौना का वो कार जो या तो कागज के डिब्बों से बनी होती थी या बहुत ही कम कीमत कि नकली कार होती थी कितनी खुशीयां देती थी और आज वास्तविक कार मे बैठ कर रोना पड़ता है। और भी बहुत से उदाहरण आप सब को ज्ञात है क्योंकि आप और हम सब उन्हीं ज्ञानियों मे से एक हैं।

अरे ये क्या ज्ञान ने तो हमारी हँसती खेलती जिंदगी को बर्बाद कर दिया।

तो क्या ज्ञान सही नहीं है ? क्या यह हमारी खुशियों के लिए घातक है ? इसका जवाब हाँ भी है और नहीं भी, यह इस बात पर निर्भर करता है की ज्ञान हमारे मन मे डर पैदा करता है या निर्भयता।

देखिये इसे समझना बहुत आसान है : एक व्यक्ति अमावश की आधी रात मे एक अनजान रास्ते से गुजर जाता है और रास्ता पार कर आगे एक गाँव मे अपने दोस्त से मिलता है तब उसे अपने दोस्त के द्वारा पता चलता है की वो जिस रास्ते से आया है वो बहुत बड़े शमशान से होते हुये आता है , बस व्यक्ति को इस बात का ज्ञान होते ही उसके मन मे एक डर समा जाता है(जो पहले बिलकुल भी नहीं था)। अब वो व्यक्ति उसी मार्ग से दिन मे भी चलते वक्त कुछ ना कुछ भय अपने मन मे लेके चलता है।

भूत वूत कुछ है नहीं लेकिन एक नकारात्मक ज्ञान ने डर पैदा कर दिया और अब सफर पहले जैसा सुखमय ना रहा। भूत अगर होता तो पहले भी परेशान कर सकता था जब उस व्यक्ति को ज्ञान नहीं था लेकिन उसने किया नहीं क्योंकि ऐसा कुछ है ही नहीं।

बहुत से ऐसे उदाहरण भी हैं जिसमें ज्ञान डर दूर करके हमारे मन को आनंद प्रदान करता है। जैसे

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