IPO : How to select? कैसे करें सही आईपीओ का चुनाव, निवेश से पहले इन बातों पर गौर रखना है जरूरी

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किसी भी आईपीओ को सब्सक्राइब करने से कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए ताकि आप निवेश की गई पूंजी से मुनाफा कमा सकें.

IPO Subscription: शेयरों की खरीद-बिक्री करने वाले ट्रेडर्स के लिए आईपीओ सब्सक्रिप्शन के जरिए मुनाफा कमाने का बेहतरीन अवसर रहता है. हालांकि आईपीओ लिस्टिंग के जरिए लगड़ा मुनाफा ही हो, यह जरूरी नहीं है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि किसी भी कंपनी के आईपीओ को सब्सक्राइब करने से पहले कंपनी द्वारा दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) और आरएचपी की स्टडी की जानी चाहिए. कंपनियों द्वारा पूंजी बाजार सेबी के पास दाखिल किए गए डीआरएचपी और आरएचपी कंपनी और इंडस्ट्री का एनसाइक्लोपीडिया होता है. इससे कंपनी की ग्रोथ भविष्य में क्या रहने वाली है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है. किसी भी आईपीओ को सब्सक्राइब करने से कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए ताकि आप निवेश की गई पूंजी से मुनाफा कमा सकें

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IPO सब्सक्राइब करने से पहले ध्यान रखें ये बातें

  • किसी भी आईपीओ को सब्सक्राइब करने से पहले ही एक निवेशक के तौर पर आपको पहले से यह तय कर लेना चाहिए कि आप इस पर लिस्टिंग गेन का फायदा लेना चाहते हैं या इसमें लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं. कभी-कभी कुछ शेयरों के मामले में ऐसा होता है कि लिस्टिंग गेन बहुत अधिक मिलता है लेकिन जरूरी नहीं कि आगे भी इसमें तेजी बनी रहे.
  • आईपीओ के लिए फाइलिंग करते समय कंपनी प्रॉस्पेक्टस में इसकी जानकारी भी देती है कि आईपीओ से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा. यह ध्यान रखें कि कंपनी अपना कर्ज चुकाने के लिए फंड जुटा रही है या अपनी क्षमता विस्तार के लिए. आमतौर पर अगर कंपनी अपनी कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए फंड जुटा रही है तो उसके ग्रोथ की संभावना अधिक होती है.
  • अगर जिस कंपनी का आईपीओ खुल रहा है, उसमें बिग बुल राकेश झुनझुनवाला और राधाकिशन दमानी जैसे दिग्गजों की हिस्सेदारी है तो निवेशक उसके प्रति आकर्षित होते हैं. इनकी हिस्सेदारी से प्रभावित होकर ही निवेश का फैसला नहीं ले लेना चाहिए बल्कि कंपनी के सभी प्रमोटर के बारे में जरूरी जानकारियां जरूर जुटाना चाहिए.
  • आईपीओ के लिए कंपनी का वैल्यूएशन कितना तय हुआ है, इसे जरूर ध्यान रखना चाहिए. इसकी इंडस्ट्री में शामिल अन्य कंपनियों (पिअर्स) से जरूर तुलना कर लेनी चाहिए.
  • जिस कंपनी के आईपीओ सब्सक्रिप्शन का ऑफर आया हुआ है, उसका P/E (प्राइस टू अर्निंग्स) रेशियो, P/B (प्राइस टू बुक) रेशियो और कंपनी पर कितना कर्ज है यानी D/E (डेट टू अर्निंग्स) रेशियो जरूर देख लें. यह जितना कम हो, उतना बेहतर है. हालांकि हर इंडस्ट्री के लिए इसका मानक अलग है कि यह रेशियो कितना होना चाहिए.
  • कई ट्रेडर्स/निवेशक किसी भी आईपीओ को सब्सक्राइब करने से पहले ग्रे मार्केट के रूझान भी देखते हैं. इससे उन्हें आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए तय की गई प्राइस पर कितना मुनाफा मिल सकता है, इसका अनुमान लगाते हैं. हालांकि यह रणनीति सिर्फ कम समय के लिए किए गए निवेश के लिए कारगर हो सकती है लेकिन अगर लंबे समय के लिए निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो इसका फैसला कंपनी के फंडामेंटल के आधार पर ही लेना चाहिए.
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